एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा-एथलीटों ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से देश का नाम रोशन करना जारी रखा है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित इन खेलों में भारतीय दल लगातार नए पदक अपने नाम कर रहा है और पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। प्रतियोगिता के विभिन्न मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं के अलावा शूटिंग, तीरंदाजी और पावरलिफ्टिंग जैसे खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
पैरा-एथलेटिक्स में भारत का दबदबा:
भारतीय दल के लिए पैरा-एथलेटिक्स सबसे बड़ा पदक योगदान करने वाला बनकर उभरा है। शुरुआती मुकाबलों के बाद ही भारतीय एथलीटों ने कई स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर अपने नाम किये हैं। प्रतियोगिता के दौरान आयुष वर्मा ने पुरुषों की शॉट पुट F-53 स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उनके अलावा, प्रवीण कुमार ने पुरुषों की High Jump T-44/64 स्पर्धा में और सचिन ने पुरुषों की शॉट पुट F-46 स्पर्धा में देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया।
ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में सिमरन और दीप्ति जैसे खिलाड़ियों ने भी अपने शानदार प्रदर्शन से खेल प्रेमियों का ध्यान खींचा और गेम्स में नए रिकॉर्ड बनाए।
अन्य खेलों में भी शानदार शुरुआत
सिर्फ एथलेटिक्स ही नहीं, बल्कि अन्य स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक तालिका में इजाफा किया है। तीरंदाजी में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने महिला कंपाउंड डबल्स में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। वहीं, पैरा-पावरलिफ्टिंग में कस्तूरी राजमणि ने भी रजत पदक अपने नाम किया। शूटिंग स्पर्धा में मनीष नरवाल जैसे स्टार निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन के दम पर पदक जीते और साथ ही आगामी लॉस एंजिल्स 2028 पैरालंपिक खेलों के लिए अपनी जगह भी सुनिश्चित की।
पदक तालिका में मजबूत स्थिति
भारतीय एथलीटों के लगातार शानदार प्रदर्शन की बदौलत देश की पदक तालिका में तेजी से सुधार हुआ है। प्राप्त नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारतीय दल ने कुल 47 पदक अपने नाम कर लिए हैं, जिसमें 12 स्वर्ण, 17 रजत और 18 कांस्य पदक शामिल हैं। चीन जैसे मजबूत देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए भारतीय पैरा-एथलीटों ने यह साबित कर दिया है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी से कम नहीं हैं।
हांगकांग में हुए पिछले संस्करण के ऐतिहासिक प्रदर्शन (111 पदक) से प्रेरणा लेते हुए, इस बार भारत का 168 सदस्यीय मजबूत दल (112 पुरुष और 56 महिलाएं) जापान में 11 अलग-अलग खेलों में भाग ले रहा है, जिसमें बॉस्चिया को भी शामिल किया गया है।
भविष्य की उम्मीदें:
जैसे-जैसे प्रतियोगिता के अंतिम चरण के मुकाबले आगे बढ़ रहे हैं, भारतीय दल से और अधिक पदकों की उम्मीद की जा रही है। एथलीट अपने-अपने इवेंट्स में पूरी मेहनत के साथ उतर रहे हैं और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ाने में जुटे हुए हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय पैरा-स्पोर्ट्स का भविष्य बेहद उज्ज्वल है और इस प्रकार के मंच खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं।




